

चम्पावत(उत्तराखंड)- चंपावत जनपद में बीते कुछ दिन पहले आई भीषण आपदा के बाद कई इलाकों के सड़क मार्ग जहां प्रभावित हुए थे।वही मुख्य हाइवे सहित जर्जर हो चुके कई सड़क मार्गों को बहाल करने के प्रयास जारी है।लेकिन बीते 12 दिनों से चंपावत जिले के कठौल इलाके के ग्रामीण विद्युत व्यवस्था के ध्वस्त होने से अंधकार में जीने को मजबूर है।कई बार विद्युत कर्मचारियों व अधिकारियों से ग्रामीणों द्वारा संपर्क किए जाने के उपरांत भी बिजली व्यवस्था सुचारू नही हो पाई है।जबकि विद्युत व्यवस्था के बहाल ना हो पाने की वजह से लाखो लोगो की आस्था के केंद्र ब्यारंधुरा एड़ी देवता मंदिर क्षेत्र में भी अंधकार छाया हुआ है।जिससे मंदिर क्षेत्र में रहने वाले पुजारी वर्ग को जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है।
विद्युत व्यवस्था के बाधित होने से स्थानीय दर्जनों परिवारों का आमजन जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।सुप्रसिद्ध ब्यांधुरा मंदिर के मुख्य पुजारी दया किशन जोशी के अनुसार बीते दिनों बारिश बरसात के उपरांत कठौल व ब्यांधुरा मंदिर क्षेत्र में 12 दिनों से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है।स्थानीय ग्रामीण अंधेरे में जीने को मजबूर है।जबकि ब्यांधूरा मंदिर क्षेत्र में लाइट ना होने की वजह से पुजारी वर्ग को शाम के समय जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है।इसके अतिरिक्त अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे है।कई बार विद्युत कर्मचारियों को अवगत कराने के उपरांत भी विद्युत व्यवस्था बीते 12 दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाई है।वही कठौल क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है की मूलभूत सुविधाओं से लम्बे समय तक अछूता रहा जिले का दुरस्त कठौल क्षेत्र एक बार फिर विद्युत व्यवस्था के ठप होने से खासी परेशानी झेल रहा है।इसलिए ग्रामीणों की परेशानी देखते हुए जल्द से जल्द इस इलाके की विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के अधिकारियों को निर्देश दिए जाए।

कठौल ब्यांधुरा क्षेत्र में बीते 12 दिनों से विद्युत व्यवस्था ठप होने के बाबत जन एसडीओ विद्युत विभाग चंपावत संजय भंडारी से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया की आपदा के चलते इस क्षेत्र में बहने वाली शरणा(पांडू नदी) में भारी बरसात से नदी क्षेत्र में स्थापित तीन विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो चुके थे।जिन्हे सही किया जाना है।नदी में पानी की स्थिति अब सामान्य हो चुकी है।इसलिए तीन से चार दिनों के अंदर विद्युत पोल दुरस्त कर कठौल/ ब्यांधूरा मंदिर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को बहाल कर दिया जाएगा।

बहरहाल आपदा के चलते चंपावत जिले के इन दुरस्त इलाके के ग्रामीणों को अंधकार में जीने को जहां मजबूर होना पड़ रहा है।वही दो दिन पहले मुख्यमंत्री धामी के दौरे उपरांत अधिकारियों को उनके द्वारा आपदा के चलते क्षतिग्रस्त सड़क व विद्युत व्यवस्था बहाली के आदेशों कितनी संजीदगी से काम होता है।यह आने वाला वक्त बताएगा,फिलहाल ग्रामीणों की विद्युत बहाली की गुहार सीएम,डीएम या विद्युत अधिकारी कोई भी सुने ग्रामीण तो बस अपने गांव में बीते बारह दिनों से फैले अंधकार को दूर करने की बांट जोह रहे है।जो कब तक हो पाएगी यह अभी कहा नहीं जा सकता।





