मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एक दिवसीय दौरे पर पहुँचे रुद्रपुर,एपीजे अब्दुल कलाम सभागार कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक,दिए आवश्यक दिशा निर्देश

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रूद्रपुर(उत्तराखण्ड)- सूबे के मुख्यमंत्री एक दिवसीय भ्रमण पर शुक्रवार के दिन उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर के दौरे पर पंहुचे। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एपीजे अब्दुल कलाम सभागार कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच करे। जांच के दौरान लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण की रोकथाम हेतु कार्य करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराना सुनिश्चित करें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से कराया जाये।

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बैठक के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि गांव में जाकर लगातार दवाई एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ब्लैक फंगस की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है एवं कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होने कहा कि आवश्यकतानुसार अस्पतालों के साथ ही होटल, धर्मशाला की भी व्यव्स्था करना सुनिश्चित करें।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया, कन्ट्रोल रूम की व्यस्थाओं की सराहना करते हुए होम आईशोलेशन में रह रहे मरीजों से विडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होने कहा कि कोविड संक्रमण में जो बच्चे अनाथ हो गये है ऐसे बच्चों को 3000 रुपए प्रतिमाह दिए जायेंगे। उन्होने कहा कि ऐसे अनाथ/असहाय बच्चे जब तक बालिग न हो तब तक जिलाधिकारियों की देखरेख में रहेंगें ताकि उनकी सम्पत्ति को कोई भी नुकसान न पहुंचा सके। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण में बजट की कोई कमी नही है जिसके लिए जिलाधिकारी को भी अधिकार दिये गये है कि वह अपने फण्ड से भी इस महामारी में खर्च कर सकते है।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर सम्बन्धित अधिकारियों से आगामी मानसून के लिए तैयारियों की जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाये, सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं, कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।

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