

बनबसा(चंपावत)- शनिवार को राजकीय महाविद्यालय बनबसा में आईक्यूएसी और कैरियर काउन्सिलिंग की ओर से नैक प्रत्यायन एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यशाला की शुरुआत मॉ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गीत के साथ हुई।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. खेमराज भट्ट, कुल सचिव उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी ने शिरकत की,उन्होंने इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय बनबसा में यूओयू सेंटर पर विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त कंप्यूटर और विभिन्न उपकरणों का फीता काटकर शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता व डॉ सर्वजीत सिंह की संयुक्त पुस्तक विकसित भारत 2047 नई आशाएं और संभावनाएं का भी विमोचन किया गया। राजकीय महाविद्यालय अमोडी के प्राध्यापक डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता की इससे पूर्व भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।
उक्त कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. योगेश शर्मा (प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी, यमकेश्वर) के साथ विशेष अतिथि के रूप में डॉ. बी.के. सिंह (प्राचार्य, नंदासेण), डॉ. एल.पी. वर्मा (प्राचार्य, शीतलाखेत), डॉ. अजिता दीक्षित (प्राचार्य, अमोड़ी), और डॉ. शर्मिला सक्सेना (प्राचार्य, भिक्यिासेण) उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. डी.के. गुप्ता (संयोजक, नैक, अमोड़ी) ने नैक प्रत्यायन के प्रमुख विन्दुओं पर प्रेजेंटेशन देते हुए कैरियर परामर्श के विविध आयाम भी बताएं।
जबकि इस कार्यशाला में डॉ. अजिता दीक्षित ने नैक कार्य की प्रमुख मेजर और माइनर विंदुओं पर कार्य करने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश सिंह ने समस्त अतिथियों को मोमेंटों और माँ दुर्गा की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित करते हुए कैरियर व प्लेसमेन्ट मे अवसरों की पहचान व परीक्षा की तैयारी पर अपना उद्बोधन दिया। इस अवसर पर नैक नोडल डॉ. बी.एन. दीक्षित ने नैक प्रत्यायन की प्रगति पर अपनी आख्या प्रस्तुत की।
कार्यशाला में कैरियर काउन्सिलिंग विषय पर डॉ. डी.के. गुप्ता, डॉ0 शर्मिला सक्सेना और डॉ. एल.पी. वर्मा ने अग्निवीर, एसएससी, बैंक, रेलवे, बीएड, और सिविल सेवाओं की परीक्षा जैसे विभिन्न विकल्पों के बारे में जानकारी दी। डॉ. खेमराज भट्ट ने नैक पर चर्चा करते हुए नैक एसएसआर में कैरियर सेल से संबंधित कार्यों, रिपोर्ट और प्लेसमेंट की जानकारी साझा की और सुझाव दिए।
डॉ. वाई.के. शर्मा ने नैक रिफॉर्म और प्रत्यायन पर बहुमूल्य प्रेजेंटेशन दिया, जबकि डॉ. बी.के. सिंह ने नैक व कैरियर के विविध आयाम पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला का संचालन कैरियर काउन्सिलिंग सेल के संयोजक डॉ0 बी0एन0दीक्षित साथ ही सहयोग डॉ. हेम कुमार गहतोड़ी और डॉ. मुकेश कुमार ने किया।
डॉ. सुधीर मलिक और डॉ. राजीव सक्सेना ने कार्यशाला में तकनीकी विन्दुओं पर सहयोग किया।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस कार्यशाला में महत्वपूर्ण बारीकियों को समझा और दैनिक जीवन में अध्ययन तथा सहशैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न कैरियर विकल्पों को आत्मसात करने का आह्वान किया। छात्र/छात्राओं में दिव्या, नेहा, साक्षी, काजल, सौरभ, दिनेश राणा, प्रीतम, कसिस, गायत्री जैसे अनेक छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर डॉ0 सुशीला आर्या, श्रीमती जयन्ती, त्रिलोक चन्द्र काण्डपाल, नरसोनू, अमर सिंह, विनोद चन्द, दिनेश रावत
ने सहयोग किया।






