चम्पावत(उत्तराखण्ड)- प्रदेश प्रवक्ता आम आदमी पार्टी संगीता शर्मा ने चंपावत जिले की जन समस्याओं को लेकर एक बार फिर सूबे की सरकार पर निशाना साधा है। आप प्रवक्ता के अनुसार सूबे में चाहे जिसकी भी सरकार रही हो जनता को आज भी मूलभूत समस्याओं से झूझना पड़ रहा है।जनपद चम्पावत की लोहाघाट विधानसभा के देवीधुरा में क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिये आम आदमी पार्टी पिछ्ले की कई दिनों से संघर्ष कर रही है।आप कार्यकर्ता राजेंद्र विष्ट अपने साथियों के साथ कई दिनों से क्षेत्र की कई समस्याओं के समाधान लिए शासन -प्रशासन को ज्ञापन देकर जन समस्याओं के निराकरण की मांग कर रहे थे लेकिन द्वारा कोई सुनवाई न होने के उपरांत आप कार्यकर्ताओं को इस कड़कड़ाती ठंड में अनशन पर बैठने को विवश होना पड़ा है।

प्रदेश के सीमांत जिले चंपावत में पाटी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ,एक्सरे ,खून जांच , इसके अलावा स्त्रीरोग एवं नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव। दूरस्थ रिठाखल में मिनी बैंक , इंटर में कामर्स और विज्ञान। देवीधुरा डिग्री कालेज को पीजी का दर्जा देकर कामर्स व विज्ञान विषयों का संचालन करने और प्रवक्ताओं की तैनाती।पाटी व देवीधुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बैडों की संख्या में बढोत्तरी ।लोहाघाट-देवीधुरा-हल्द्वानी मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन और सिब्यौलीगुंठ से सिमलखेत तक सड़क निर्माण आदि मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी संघर्षरत है ।
देवीधुरा में निम्न मांगों को लेकर आप कार्यकर्ता राजेन्द्र बिष्ट , प्रदीप बिष्ट व अन्य साथी -3 डिग्री की कड़कड़ाती ठंड में पिछले 03 दिनों से अनशन पर बैठे हैं , लेकिन शासन -प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि अनशनकारियों के पास नहीं पहुंचा । ऐसे में सरकार की इस नजरअंदाजि ये साबित कर रही है कि प्रदेश सरकार को प्रदेश की जनता और उनकी समस्याओं की कितनी चिंता है ।
आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सूबे की सरकार वास्तविकता में जीरो सेंस वाली सरकार साबित हो चुकी है , पूरे प्रदेश की जनता त्रस्त है, उत्तराखंड के कोने कोने में सड़क , पानी , स्कूल , अस्पताल , रोजगार को लेकर लोग धरना , आंदोलन करने को विवश हैं , लेकिन सरकार 67 विधायको के साथ सूबे की सत्ता के नशे में इतना चूर हो चुकी है कि उन्हें प्रदेश की समस्याएं दिखाई ही नही दे रहीं ।
प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा कि जबतक सरकार क्षेत्र की इन समस्याओं का समाधान नही करती हम संघर्ष करते रहेंगे । शासन की नजरअंदाजी और कड़कड़ाती ठंड आम आदमी के हौशलों को नहीं डिगा सकती है ।






